Dr Bhim Rao Ambedkar biography in hindi 2022


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भीम राव अम्बेडकर बायोग्राफी इन हिंदी (Bhim Rao Ambedkar biography in hindi)



Dr Bhim Rao Ambedkar biography in hindi





जीवन परिचय
नाम (Name)14 अप्रैल 1891
बचपन का नाम
(Childwood name)
भीमा,भीम, भीमराव
पिता का नाम
(father name)
रामजी मालोजी सकपाल
माता का नाम
(mother name)
भीमाबाई
पत्नी (Wife)रमाबाई अंबेडकर ( निधन 1906)
डॉ सविता अंबेडकर(1948-2003)
बच्चे ( child)यशवंत अंबेडकर
जन्म स्थान
(Hometown)
महू छावनी इंदौर मध्यप्रदेश
प्रारंभिक शिक्षा
(Primary education)
शासकीय हाईस्कूल
( प्रतापसिंह हाईस्कूल)
कॉलेज/यूनिवर्सिटी
(College/University)
मुंबई यूनिवर्सिटी
( BA)
कोलंबिया यूनिवर्सिटी
(M.A., PhD ,LLD )
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स
(M.S.C.,D.S.C.,/
पेशा profession अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, धर्मशास्त्री
, वकालत,लेखक पत्रकार
धर्म (Religion )बौद्ध धर्म
मृत्यु 6 दिसंबर 1956( 56 वर्ष)
समाधि चैत भूमि महाराष्ट्र






डा.भीमराव अम्बेडकर का परिचय [ life story of dr br ambedkar]




Dr Bhim Rao Ambedkar biography in hindi भीम राव अम्बेडकर का जन्म इन्दौर के मध्य प्रदेश के एक छोटे के ग्राम महू छावनी में हु आ था इसके पिता रामजी मालोजी सकपाल जो की ब्रिटिश सेना में सैनिक थे। और माता रमाबाई थी। भीम आपने परिवार के साथ महाराष्ट्र में रहते थे।


भीम से अपनी प्रारंभिक शिक्षा ( सतारा)ससकीय हाई स्कूल अब प्रताप सिंह हाई स्कूल से 7 नवंबर 1900 से शुरू की। सतारा हाई स्कूल के प्राचार्य वो सुवर्ण वर्ग के थे फिर भी इनका लगाव था, जिन्होंने भीम को भीमराव अंबेडकर नाम से संबोधित किया।



भीमराव का विवाह 17 साल की उम्र में रमाबाई के साथ हो गया था रमा बाई जब विवाह हु आ तो वो मात्र 10 वर्ष की थी।




डा.भीमराव अम्बेडकर की शिक्षा प्राप्ति [ Education attainment of Bhimrao Ambedkar] 




भीम से 1908 में हाईस्कूल के परीक्षा पास की और इसके वर्ग के सभी लोग खुशी मानने लगे क्योंकि ये इसके वर्ग के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने हाई स्कूल पास किया था। अगले साल Elphinstone College में एडमिशन लिया जो बांबे विश्वविद्यायल से संबृद् ( affiliate) था ।



इन्हे इंटर के डिग्री मिली जिनमे इसके 750में से 282 अंक प्राप्त किए जो इनके वर्ग के लोगो के लिए गौरव की बात थी।



 1912 के अंत तक बांबे विश्वविद्यायल से अर्थशास्त्र और राजनीतिक विज्ञान ,कला स्नातक बी ए की डिग्री हासिल की। बड़ौदा के राजा के साथ मिलकर भीम राव अंबेडकर की पहेली नौकरी फौज में लेफिटिनेट के थी कुछ दिन बाद ही पिता की हबीयत सही नही थी तो भीम इतीफा दे कर मिलने चले गए। भीमराव के पिता राम जी की मृत्यु 2 fab 1913 हुई ।



 22 वर्ष के भीमराव 1913 में सयुक्त राष्ट्र अमेरिका चले गए सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय {बड़ौदा के गायकवाड़} के द्वारा संचालित एक योजना के अंतर्गत न्यूयार्क में कोलंबिया यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने के लिए 11.50 डॉलर / माह के स्कूलरशिप बड़ौदा राज्य छात्रवृत्ति प्रदान की गई।



1915 में उन्होंने कला स्नातकोत्तर (एम॰ए॰) की प्राप्त की जिनमे अर्थशास्त्र प्रमुख विषय, समाजशास्त्र, इतिहास, दर्शनशास्त्र और मानव विज्ञान तथा अन्य विषयभी सामिल थे। 




स्नातकोत्तर के लिए Ancient Indian Commerce (प्राचीन भारतीय वाणिज्य) विषय पर शोध कार्य प्रस्तुत किया। आंबेडकर से जॉन डेवी और लोकतंत्र पर उनके काम से प्रभावित थे। 



1916 में उन्होंने दूसरा शोध कार्य National Dividend of India A Historical and Analytical Study( भारत का राष्ट्रीय लाभांश एक ऐतिहासिक और विश्लेषणात्मक अध्ययन) के लिए दूसरी स्नातकोत्तर प्राप्त किया।



1916 में ही आपने तीसरे शोध कार्य के लिए विषय Evolution of Provincial Finance in British India[ ब्रिटिश भारत में प्रांतीय वित्त का विकास] अर्थशास्त्र में पीएचडी किया।


आपने शोध कार्य को पब्लिश करने के बाद phd authorized डिग्री हासिल की। तीन वर्षो के इन्हे स्कूलरशीप मिली थी लेकिन ये 3 वर्ष के सिलेबस को दो वर्षो में अध्ययन कर लंदन 1916 में चले गए।



 कैसे गए अंबेडकर जी विदेश पढ़ने [ kaise Gaye Ambedkar ji bidesh padne]


1916 में भीमराव अम्बेडकर जी ग्रेज इन में बैरिस्टर कोर्स में एडमिशन लिया साथ ही लंदन में लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में एडमिशन लिया और डॉक्टरेट (Doctorate) थीसिस पर काम करना स्टार्ट किया ये बहुत दुखत की बात थी इसके लिए क्योंकि इनकी स्कूलरशीपबड़ौदा राज्य छात्रवृत्ति समाप्त हो गई थी ये विवश होकर वापस लौट आए। इन्हे चार के अंदर थीसिस करने के लिए अनुमति मिली।   



बड़ौदा राज्य के सेना सचिव के रूप में नौकरी कर ली ।


अचानक इसके इसके साथ फिर भेदभाव देखकर इन्होंने नौकरी छोड़ दी और निजी लेखाकार के रूप में काम करने लगे।



1920 में कोल्हापुर साहू महाराज ने आपनी पारसी मित्र के हेल्प से कुछ निजी बचत से भीम फिर से इंग्लैंड जाने सफल हुए और 1921 में विज्ञान स्नातकोत्तर (एम॰एससी॰) की डिग्री प्राप्त की।







 डॉ भीमराव का छुआछूत के विरुद्ध संघर्ष



डॉ भीमराव अंबेडकर बड़ौदा रियासत राज्य से शिक्षक थे उनकी सेवा करने के लिए वाक्य मुनि महाराज गायकवाड का सैन्य सचिव नियुक्त किया गया लेकिन कुछ दिनों के बाद ही बात जात पात के मतभेद के कारण भीमराव अंबेडकर नौकरी छोड़ दी यह घटना उन्होंने अपनी आत्मकथा वेटिंग फॉर अ विजा बुक में लिखा है।




1918 में यह निजी शिक्षक के रूप में काम किया मुंबई के सीट इन हम सीट सीट इन हम सिडेनहैम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स में राजनीतिक शास्त्र के प्रोफेसर बन गए छात्रों के प्रति बिहार में या सफल रहे लेकिन अन्य प्रोफेसरों के साथ पानी पीने के बर्तन साझा करने में सफल नहीं रहे या व्यवहार में ही सफल रहे हैं क्योंकि प्रोफेसर उनके साथ बर्तन साझा करने पर विरोध करते हुए यह एक बर्तन में पानी नहीं पी सकते थे। अलग बर्तन था।



भारत सरकार अधिनियम 1919 में तैयार कर रही साउथ बरो किसके समक्ष में एक प्रमुख विद्वान के रूप में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का साथ देने के लिए निमंत्रण दिया गया था इस दौरान डॉ भीमराव अंबेडकर ने दलितों और अन्य धार्मिक समुदायों के लिए पृथक निर्वाचन तथा आरक्षण देने की वकालत की थी।



दलित वर्ग के एक सम्मेलन में जब भीमराव अंबेडकर ने दलितों को को जागरूक करने के लिए भाषण दिया था जिन से प्रभावित होकर फोल्डर पुर के स्थानीय साहू इनके साथ भोजन किया था जिससे बाद में रूढ़िवादी समाज में हलचल मच गई।



मुंबई उच्च न्यायालय में उन्होंने अछूतों की शिक्षा का बढ़ावा देने के लिए सवाल उठाएं तथा उनका पहला संगठन केंद्रीय संस्थान बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की।



दलितों के हक (छुआछूत) के लिए किए गए मुख आंदोलन



सन 1927 के अंत तक डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने छुआछूत के विरुद्ध एक व्यापक एवं सक्रिय आंदोलन करने के बारे में 3 महीने की तैयारी की।



अंबेडकर का कालाराम मंदिर सत्याग्रह by Bhim 


2 मार्च 1930 अभी तो अंबेडकर ने कालाराम मंदिर सत्याग्रह दलितों को मंदिर में प्रवेश करने के लिए चला गया था। जिनमें नासिक में एंकर प्रतिज्ञा दी। उच्च वर्ग के हिंदू जातियों को मंदिर में प्रवेश करने के अधिकार शुरू से ही दिए गए थे 



लेकिन दलितों के अधिकार नहीं दिया गया था सत्याग्रह कालाराम सत्याग्रह में 15000 सेवक एकत्र हुए जैन समाज के पहली बार महिला और पुरुष भगवान को देखने के लिए अनुशासन आदेश दृढ़ संकल्प में चले गए ब्राह्मण अधिकारियों द्वारा मंदिर के द्वार बंद कर दिए गए ।



पुलिस ने भी दलिदो को मंदिर में प्रवेश करने के लिए रोका और कड़ी नजर ही बनाए। और इन सत्याग्रहओ पर सुवर्ण हिंदुओं ने पत्थर ही बरसाए रखें राम मंदिर का दरवाजा नहीं खुला इसे देखते ही देखते हुए धर्म को त्याग करने की बात कही।




महाड़ का सत्याग्रह by Bhim 


 20 मार्च 1927 में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के महान स्थान पर दलितों को सार्वजनिक तालाब का पानी पीने के लिए सार्वजनिक अधिकार दिलाने के लिए यह प्रभावी सत्याग्रह था



 जिसे सामाजिक सशक्तिकरण दिवस के रूप में मनाया जाता है यह सभी लोग वहां पहुंचने पर अंबेडकर ने सबसे पहले अपने दोनों हाथों से तालाब का पानी पिया और फिर सभी लोगों ने पानी पिया। या अंबेडकर का पहला सत्याग्रह था हिंदू दलितों को हिंदू समाज का हिस्सा नहीं मानते थे हिंदू ईसाई सिख और मुस्लिम तालाब का पानी पी सकते थे असमानता के विरुद्ध में या भीमराव अंबेडकर का पहली क्रांति थी।






 डॉ भीम राव अंबेडकर का राजनीतिक करियर 



स्टार्ट डॉक्टर भीमराव अंबेडकर राजनीतिक करियर 1926 से स्टार्ट हुआ था मुंबई के गवर्नर ने उन्हें विधानसभा के सदस्य के रूप में चुनाव और 1936 तक बांबे लेजिसलेटिव काउंसिल के सदस्य बने गए 



13 अक्टूबर 1935 को भीमराव अंबेडकर को सरकारी लो कॉलेज आचार्य नियुक्त किया का प्राचार्य नियुक्त किया 1936 ईस्वी में भीमराव अंबेडकर ने स्वतंत्र लेबर पार्टी का गठन किया और 1937 में विधानसभा के चुनाव में 13 सीटें जीती और विधानसभा के विधायक के रूप में चुना गया।




 अंबेडकर जी को ही क्यों संविधान लिखा किसी और ने क्यों नहीं लिखा?



 डॉ भीमराव अंबेडकर प्रतिष्ठा एक अद्वितीय विज्ञान के रूप में थी 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के अस्तित्व में नई सरकार आई वेट कर को देश के पहले कानून एवं न्याय मंत्री सेवा करने के लिए आमंत्रित किया और भीमराव अंबेडकर ने इसे स्वीकार किया 19 और 29 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के संविधान के निर्माण के लिए संविधान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया


अंबेडकर बुद्धिमान संविधान विशेषज्ञ थे उन्होंने 60 देशों को के संविधान का अध्ययन किया। को भारत के संविधान का पिता भी कहा जाता है









FAQ



भीमराव अम्बेडकर विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के लिए किसने मदद की थी?



न्यूयार्क में कोलंबिया यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने के लिए 11.50 डॉलर / माह के स्कूलरशिप बड़ौदा राज्य छात्रवृत्ति प्रदान की गई।



Dr.Bhimrao का राजनीतिक करियर कब हुई?



Dr.Bhimrao का राजनीतिक करियर 1926 में सुरु किया।



भीमराव अम्बेडकर के बच्चे का नाम ?


यशराज अम्बेडकर



भीम राव अम्बेडकर के पास कितनी डिग्रिया है?



अम्बेडकर साहब ने आपने जीवन में कुल 32 डिग्री हासिल किया।




अम्बेडकर की शिक्षा कहा से शुरुआत की?



अम्बेडकर एक दलीत समाज से आते थे तो उन्हें वर्ग के लोगो को पढ़ने का अधिकार नहीं था इनके पिता ब्रिटिश सेना में सैनिक थे तो इन्हे मौका मिला उसमे भी इनका सफर बहुत चुनौती पूर्ण रहा और ये क्लास के बाहर से पढ़ते थे।




निस्कर्स्ष


आज हमने जाना की ambedkar life story in hindi, उनके जीवन के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी गई और Dr Bhim Rao Ambedkar biography in hindi 2022 पूरी जानकारी दी कैसे ही ये जानकारी हमे कॉमेंट में जरूर बताएं।




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