मंगल पर एलान मास्क इंसानों को क्यों भेज रहे


आज हम बात करने वाले है की हम पृथ्वी पर अभी रहते है लेकिन हम फ्यूचर में मार्स पर रह सकते है,  की नही? हमने कभी नहीं सुना की हम इंसान कही और किसी और प्लैनेट पर भी रहे सकते है,

 आज से पहले कभी किसी भी देश ने इंसानों को कही और किसी orther प्लानेट पर नहीं भेजा। वर्क्ल्ड 

के टॉप richist पर्सन ऐलान मस्क ने इंसानी की बस्ती बनाने वाले है मार्स पर, मार्स मिशन Elon Musk , फ्यूचर मिशन मार्स by Elon Musk, मार्स फुल इंफॉर्मेशन इन हिंदी, मार्स मिशन क्या है Elon Musk का पूरी जानकारी

मंगल ग्रह
Mars


क्या आपको पता है कि 


  •  हम सब पृथ्वी के अलावा किसी और ग्रह यानी मंगल पर आगे भविष्य में रहने जाने वाले हैं?
  •  क्या सच में ऐसा होगा?
  •  क्या हम सब मंगल पर भविष्य में जा सकेंगे? 
  • सभी सवालों का जवाब मिलेगा


Elon Musk ने मंगल ग्रह पर क्या कहा


1 फरवरी 2021 में क्लब हाउस ऐप पर लिया गया एलन मस्क  का फर्स्ट इंटरव्यू जिसमें उन्होंने साफ साफ कह दिया कि आगे आने वाले 5 सालों में इंसानी प्रजाति को मंगल पर पहुंचाना चाहते है और मंगल ग्रह को एक हैप्पी टेबल प्लानेट बनना भी चहेते है स्पेसएक्स की स्टारशिप से ऐसा मोस्ट पावरफुल लॉन्च व्हीकल होने वाला है जिस पर एक साथ 100 लोगों को मंगल पर ले जाया जा सकेगा।

एलन मस्क के अनुसार mars पर fuels बनाने की भी तैयारी करनी पड़ सकती है क्योंकि हमें वहां से वापस भी तो आना है संभावनाएं हैं कि मंगल पर कार्बन डाइऑक्साइड है जमीन के अंदर से पानी भी निकाला जा सकता है


CO2+H2O---------O2+CH4


CH4 मेथेन को आसानी से बनाई जा सकती है और मेथेन से आसानी से फ्यूल रूप में भी उपयोग कर सकते हैं।


आपको तो यह पता होगा कि कि हम इंसानों को मार्स पर पहुंचाने की तैयारी हो रही है ऐसा क्यों ?


क्योंकि आपको तो पता होगा कि आज से हजारों करोड़ों वर्ष पहले पृथ्वी से एक asteroid टकराने से पृथ्वी का विनाश हो गया था जिससे डायनासोर्स अस्तित्व पृथ्वी से समाप्त हो गया ऐसा कभी भविष्य में भी हो सकता है इसीलिए हमें इंसानी प्रजाति को एक से अधिक ग्रहों पर रहने वाला जीव बनना चाहिए ।



आपको यह बात जानकर आश्चर्य होगा कि NASA ने ऐसा कहा है कि आगे आने वाले 12 से 13 सालों में मंगल को एक हैप्पी टेबल बनाने बनाया जा सकता है।


ऐसा क्या है मंगल पर जो नासा और एलन मस्क मंगल ग्रह के पीछे पड़े हैं क्या कोई और ऐसा ग्रह नहीं है?

  • सिर्फ मंगल ग्रह को ही चुनने की कोई खास वजह ?


लेकिन आपको इतना तो पता ही होगा कि हमारे सौरमंडल में कुल 8 ग्रह है जिन्हें दो भागों में बांटा गया है आंतरिक ग्रह और बाहरी ग्रह


आंतरिक ग्रह जो सूर्य के पास है उसे आंतरिक ग्रह कहते हैं और जो सूर्य से दूर है उसे बाहरी ग्रह कहते हैं।


  • आंतरिक ग्रह 


  1.  बुध (Mercury)
  2. शुक्र (Vinus)
  3. पृथ्वी (Earth)
  4.  मंगल( Mars)


  •   बाहरी ग्रह


  1. बृहस्पति (Jupiter)
  2.  शनि ( Saturn)
  3.  अरुण( Uranus)
  4. वरुण (Neptune)



बृहस्पति, वरुण ,अरुण ओर शनियह चारों ग्रह गैसीय अवस्था में है इनमें धरातल नहीं है जिस पर जीवन संभव भी नहीं है।


आंतरिक ग्रह की बात करते है तो 


 बुध ग्रह तो सूर्य के काफी नजदीक है इससे इसकी दूरी 55.807 million km है इसका दिन में तापमान 430 डिग्री सेल्सियस तक होता है और और रात में तो -180 डिग्री सेल्सियस तक इसका तापमान चला जाता है तो वहां पर रहने की तो हम सोच भी नहीं सकते।

 

  • शुक्र 


शुक्र ग्रह पर तो हम अभी जा नहीं सकते क्योंकि यहां पर तो सल्फ्यूरिक एसिड की बारिश होती रहती है यहां पर तो पानी भी नहीं है और यह हमारे वायुमंडल में पाए जाने वाला सबसे गर्म ग्रह है। और इसका वायुदाब तो पृथ्वी से लगभग 90 गुना ज्यादा है।


अब बात अगर पृथ्वी की करें तो पृथ्वी से तो हमारा गहरा नाता है तो हम इसे कैसे भूल सकते हैं हम तो इसी ग्रह पर ही हैं।


  • मंगल


तो बचा अब मंगल जो पृथ्वी से चौथे नंबर पर आता है और इसके पास तो पृथ्वी की तरह धरातल है बाकी ग्रहों की तुलना में मंगल से ज्यादा दूरी पर भी नहीं है और ना ही बहुत पास है इसीलिए मंगल ना ज्यादा ठंडा है और ना ज्यादा गर्म।

लेकिन अगर मंगल पर अभी इंसान जाए तो यहां का कम तापमान ऑक्सीजन की कमी और वायुमण्डलीय दबाव खतरे में डाल सकता है इंसानों के रहने लायक तो बिल्कुल भी नहीं है सोच भी नहीं जा सोचा भी नहीं जा सकता।

लेकिन कहा जाता है कि मंगल पर पहले बहुत पानी भी था यानी वह रहने लायक भी था और इसके वातावरण में जीवन की की संभावनाएं भी रही होगी।

मंगल हमें अब उम्मीद और संभावनाएं भी देता है


हमारे सौरमंडल में सिर्फ ही एक ऐसा ग्रह है जो पृथ्वी से काफी मिलता-जुलता है इसके पास पृथ्वी की तरह ही धरातल है और वायुमंडल भी है पर धरातल अभी चट्टानी फॉर्म में पाए जाते हैं इसलिए शायद इसे चट्टानी कहा भी कहते हैं 




आइए  जनते हैं मंगल को विस्तार से

 


मंगल को सबसे पहले गैलीलियो 1610 ने टेलीस्कोप से देखा था

मंगल ग्रह को mars भी कहा जाता है इसका नाम रोमन गॉड ऑफ वार से मिला

सूर्य से मंगल ग्रह की दूरी 228 मिलियन किलोमीटर है और सूर्य से पृथ्वी की दूरी 151.2 मिलियन किलोमीटर है 

 सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में 8.3 मिनट का वक्त लगता है और वही मंगल की बात करें तो मंगल पर पहुंचने में सूर्य के प्रकाश को 12.6 मिनट का समय लगता है मंगल का द्रव्यमान पृथ्वी से 10 गुना कम है।

 और मंगल ग्रह के गुरुत्वाकर्षण , पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति का मात्र 38% है।


मंगल का व्यास 6779 किलोमीटर है और वही अगर पृथ्वी की बात करें तो वह मंगल का व्यास पृथ्वी के व्यास का 53% है।


आपको पता कि मंगल के पास दो चांद है 

1.  DEIMOS

2. PHOBOS 

1877 की खोज हुई थी और यह पृथ्वी के चांद यानी कि चंद्रमा से काफी छोटे हैं।


मंगल पर 1 दिन 24 घंटे 36 मिनट का होता है और 1 साल 677 दिनों का होता है इसका कारण यह है कि मंगल का ऑर्बिट अंडाकार है इसलिए मंगल को सूर्य की परिक्रमा करने में पृथ्वी से अभी से दुगना समय लगता है पृथ्वी का भी कक्षक अंडाकार है लेकिन पृथ्वी का कक्षक मंगल की कक्षक से कम अंडाकार है।

अपने कहीं ना कहीं यह जरूर पढ़ा होगा कि मंगल को लाल ग्रह की कहते हैं की क्योंकि मंगल के धरातल पर आर्यन ऑक्साइड बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है जो मंगल ग्रह के दोनों गोलार्ध जो आर्यन से ढके हुए हैं जो इन गोलार्ध को नारंगी व पूरा रंग देती है। 


मंगल का वातावरण


मंगल के वातावरण में 96% कार्बन डाइऑक्साइड 1.9% ऑर्गन, 1.9 प्रतिशत नाइट्रोजन ,और बहुत कम मात्रा में ऑक्सीजन है 

तथा मोनो ऑक्साइइट, जलवाष्प और मेथेन है।



वैज्ञानिकों को इसके बारे में पता चला तो सब रिसर्च में लग गए और अब इसे और पास से भी देखना चाहते थे ऐसा संभव भी हो पाया है।


1997 नासा ने सबसे पहले ROVER को मार्स का लैंड करवाया और यह रोवर ने मांस की मिट्टी का टेस्ट करके और भी जनकारी हमारे पास पृथ्वी पर भेजा और उस वक्त रोवर मंगल पर पानी खोजने में असमर्थ रहा।


इसलिए 13 जुलाई 2008 phoenix mars lander ने यह कंफर्म किया की मंगल ग्रह पर पानी है और वह बर्फ के अवस्था में है और यह भी पता चला कि मंगल का खुद के पास एक अपना वायुमंडल भी है।

 ऑक्सीजन का क्या जो कि मंगल पर बहुत ही कम है और वहां ज्यादा ठंडा कार्बन डाइऑक्साइड से भरा वातावरण है वैसे एक बात और आपको बता दें कि नासा ने रोवर्स के जरिए आग सी ऑक्सीडेशन प्रोड्यूस करने की शुरुआत की है इससे हो सकता है कि भविष्य में हालात बेहतर होंगी।



मंगल पर पृथ्वी की तरह ज्वालामुखी और घंटियां भी है जिसका नाम Olympus mons है यह एक ज्वालामुखी है इसकी ऊंचाई 21.9 किलोमीटर है और Valles Mariner's नाम की सबसे बड़ी घाटी भी हैै।

 यह नाम इसको Mariner 9 Orbit से मिला जिसने 1973 में इसकी खोज की थी जो 4000 किलोमीटर लंबी और 7 किलोमीटर गहरी है।

  • यह सब जानने के बाद आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा क्या मंगल पर पेड़ भी होगा?


वैसे ही इंसानी प्रजाति के लिए पेड़ पौधों का होना बहुत जरूरी है क्योंकि हम उस से सांस लेते हैं पेड़ पौधे से निकलती है लेकिन हम आपको बता दें कि मंगल ग्रह पर पेड़ पौधे नहीं है,

 क्योंकि मंगल की धरातल में वह पोषण तत्व ही नहीं है जिससे कि पेड़ उगाया जा सके।


 यहां पर तूफान आते रहते हैं जो कि कई महीनों तक शांत भी नहीं होती इसके कारण हमे मंगल पर चलने वाले रिसर्च में कई परेशानियां होती रहती हैं।

मंगल ही एक ऐसा ग्रह है जहां पर अब तक रोबोट्स भेजे गए हैं ।

अब तक नासा ई द्वारा पांच रोवर से भेजे जा चुके हैं मंगल के बारे में जानने का सफर 1960 सही चला आ रहा है अब तक मंगल पर भेजे जाने वाले मिशन एजेंसीज

  • USA NASA 
  • रसिया 
  • यूरोपीयन स्पेस एजेंसी
  •   इसरो 


 और भी कई सारे देशों के नाम शामिल है।


साल 2013 में इसरो ने मंगल मिशन को सफलतापूर्वक मार्स के कक्षक में प्रवेश कराया था ऐसा करने वाले इसरो दुनिया की चौथी स्पेस एजेंसी बन गई जो मंगल के कक्षक में प्रवेश किया था।

 

 मंगल की सतह पर अब तक दो देशों ने सफलतापूर्वक लैंड किया है

  •  संयुक्त राष्ट्र अमेरिका

  •  सोवियत संघ
निष्कर्ष

हम आपको बता दे की अभी मंगल इंसानों के लिए रहने लायक बिलकुल नहीं है मंगल इतनी जल्द हमारी दूसरी पृथ्वी नही बनने वाली लेकिन आगे आने वाली टाइम में ऐसा हो सकता है ।मंगल पर ऐसा क्या है ?,मंगल का वातावरण,आंतरिक ग्रह  के बारे में मंगल ग्रह के बारे मे उम्मीद करता हूं कि आपको सभी को मंगल के बारे में रोचक बातों को जान कर अच्छा लगा होगा अगर आपके इस पोस्ट से कुछ अलग सीखने को मिला तो आप इस पोस्ट के आपने दोस्तो के साथ जरूर शेयर करे 

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